मध्यप्रदेश के बहुचर्चित व्यापमं घोटाले में STF ने एक और मामला दर्ज किया है। पुलिस आरक्षक भर्ती परीक्षा 2013 में सॉल्वर की मदद लेकर परीक्षा पास करने वाले कॉन्स्टेबल के खिलाफ FIR दर्ज की है। आरोपी व्यापमं घोटाले के मास्टरमाइंड जगदीश सागर का रिश्तेदार है। आरोपी ने 3 लाख रुपए देकर सॉल्वर हायर किया था। STF ने FIR में लिखा है- पढ़ने लिखने में एक नंबर का गधा है। गणित का एक भी सवाल हल नहीं कर सकता है।

पुलिस आरक्षक भर्ती परीक्षा में यह 17वीं FIR है। STF SP नवीन चौधरी ने बताया कि व्यापमं ने 7 अप्रैल 2013 को पुलिस आरक्षक भर्ती आयोजित की थी। इसमें मैला रोड थाटीपुर ग्वालियर निवासी बीरेश कुमार पुत्र ग्यादीन जाटव भी शामिल हुआ था। OMR शीट की जांच में सामने आया कि बीरेश ने अपनी जगह सॉल्वर को बैठाकर परीक्षा पास किया था। इतना ही नहीं उसने फिजिकल परीक्षा में भी दूसरे को भेजा था। OMR शीट में उसके उंगली के निशान, हस्ताक्षर मैच नहीं हुए। जांच के बाद STF ने बीरेश के खिलाफ मामला दर्ज किया। 4 अक्टूबर 2013 को बीरेश ने जॉइनिंग की थी। उसे भोपाल में तैनाती मिली थी।

बीरेश का भाई दलाल पर दूसरे की ली मदद

STF की जांच में सामने आया कि बीरेश का सगा भाई रमेश सिंह जाटव खुद ही व्यापमं की परीक्षाओं में दलाली करता था। भाई को पुलिस में भर्ती कराने के लिए उसने दूसरे दलाल की मदद ली थी। इसके पीछे की वजह यह थी कि जांच एजेंसियों को उस पर संदेह नहीं हो।

जगदीश सागर का भाई

STF का कहना है कि व्यापमं घोटाले के मास्टर माइंड जगदीश सागर का रमेश सिंह और बीरेश रिश्ते में भाई हैं। रमेश सिंह ने भाई को पुलिस वाला बनाने के लिए सॉल्वर को 50 हजार रुपए एडवांस में दिए थे। इसके बाद जब उसके भाई ने परीक्षा पास कर ली तो 3 लाख रुपए दिए।

FIR में गधे का उल्लेख

STF ने FIR में लिखा कि बीरेश कुमार पढ़ने लिखने में एक नंबर का गधा है। गणित का एक भी सवाल नहीं लगा सकता है। उसने फिजिकल परीक्षा में भी दूसरे को भेजा था। परीक्षा पास करने के बाद जॉइनिंग लेने खुद पहुंचा था।